राह-ए-जुस्तजू: एक ग़ज़ल

तआर्रुफ़: “ग़ज़ल: राह-ए-जुस्तजू” इंसान की तलाश, उसकी जद्दोजहद और तक़दीर से लड़ने के हौसले का एक रूहानी पैग़ाम है। इस ग़ज़ल में शायर ने ज़िंदगी की कठिन राहों, टूटते ख़्वाबों…