“रौशनी की तलाश”: एक ग़ज़ल

तआर्रुफ़: रौशनी की तलाश” एक ऐसी ग़ज़ल है जो दिलों के अंधेरों को मोहब्बत, तहज़ीब और इंसानियत की रौशनी से रौशन करने की कोशिश करती है। यह शायरी सिर्फ़ जज़्बातों…

“बंदा-ए-ख़ुद्दार की तलाश”: एक ग़ज़ल

तआर्रुफ़: “बंदा-ए-ख़ुद्दार की तलाश” एक ऐसी ग़ज़ल है जो आज़ादी-ए-फ़िक्र, उसूलों की पाबंदी और ज़मीर की आवाज़ को तलाशती है। यह शायरी उस दौर की तस्वीर पेश करती है जहाँ…