दिल-ए-बेख़बर: एक गीत
🌙 तआर्रुफ़: “दिल-ए-बेख़बर” एक दर्दभरा फ़िल्मी गीत है जो उस इश्क़ की कहानी कहता है, जहाँ पास रहकर भी दूरी बनी रही। ये दिल-ए-बेख़बर: एक गीत एक ऐसे दिल की…
🌙 तआर्रुफ़: “दिल-ए-बेख़बर” एक दर्दभरा फ़िल्मी गीत है जो उस इश्क़ की कहानी कहता है, जहाँ पास रहकर भी दूरी बनी रही। ये दिल-ए-बेख़बर: एक गीत एक ऐसे दिल की…
🖋️तआर्रुफ़: ग़ज़ल “सदा-ए-जफ़ा” मोहब्बत की उन हकीकतों को बेनक़ाब करती है जो अक्सर सिर्फ़ अल्फ़ाज़ों में रह जाती हैं। शायर “क़बीर” ने अपने अशआरों में उन जज़्बातों को पिरोया है…
📘 तआर्रुफ़: “तन्हाई की पुकार” एक ऐसी ग़ज़ल है जो बिछड़ने के बाद की अधूरी मोहब्बत और न मिट सकने वाली यादों की सच्ची तस्वीर पेश करती है। इसमें दिल…
तआर्रुफ़: “किसी की कहानी” एक जज़्बाती ग़ज़ल है जो वक़्त, यादों और रिश्तों के बदलते मआनी को गहराई से बयान करती है। यह शायरी उन लम्हों का आईना है, जब…