“भूल चले हैं”: एक ग़ज़ल
तआर्रुफ़: “भूल चले हैं” एक दर्द से लिपटी हुई ग़ज़ल है जो मोहब्बत, जुदाई और बेवफ़ाई के उन लम्हों को बयान करती है, जहाँ चाहने वाले की मौजूदगी अब सिर्फ़…
तआर्रुफ़: “भूल चले हैं” एक दर्द से लिपटी हुई ग़ज़ल है जो मोहब्बत, जुदाई और बेवफ़ाई के उन लम्हों को बयान करती है, जहाँ चाहने वाले की मौजूदगी अब सिर्फ़…