चराग़-ए-हिज्र: एक ग़ज़ल

🌙 तआर्रुफ़: “चराग़-ए-हिज्र” एक दिल को छू लेने वाली ग़ज़ल है, जिसमें मोहब्बत की मासूम तासीर, जुदाई की सिसकियाँ, और यादों की शिद्दत बड़ी शाइस्तगी से बयान की गई हैं।…