नाम-ए-वफ़ा: एक ग़ज़ल
🌙 तआर्रुफ़: “नाम-ए-वफ़ा” मोहब्बत, एहसास और रूहानी रिश्तों की वो ग़ज़ल है, जिसमें दिल की रौशनी का हर सरचश्मा एक ही शख़्स से जुड़ा हुआ महसूस होता है। इस ग़ज़ल…
🌙 तआर्रुफ़: “नाम-ए-वफ़ा” मोहब्बत, एहसास और रूहानी रिश्तों की वो ग़ज़ल है, जिसमें दिल की रौशनी का हर सरचश्मा एक ही शख़्स से जुड़ा हुआ महसूस होता है। इस ग़ज़ल…
तआर्रुफ़: ग़ज़ल चिराग़-ए-उम्मीद इंसानी जज़्बात, तन्हाई, मोहब्बत और उम्मीद की वह दुनिया पेश करती है जहाँ हर शख़्स ज़िन्दगी के तूफ़ानों से गुज़रता है, मगर फिर भी अपने दिल में…
तआर्रुफ़: “नग़्मा-ए-फ़िरदौस” ग़ज़ल इश्क़, तन्हाई और रूहानी जज़्बात का एक हसीन मरकज़ है। ‘नग़्मा-ए-फ़िरदौस’ में शायर ने आँखों में बसे ख़्वाबों से लेकर दिल की वीरानियों तक हर एहसास को…
तआर्रुफ़: “ग़ज़ल- तूफ़ानों से आगे” इंसान की हिम्मत, हौसले और मेहनत की ताक़त का एक शानदार बयान है। इसमें शायर ने यह पैग़ाम दिया है कि ज़िंदगी की जंग में…
तआर्रुफ़: “ग़ज़ल-ग़ुबार-ए-हयात” एक ऐसी रूहानी पेशकश है जिसमें ज़िंदगी के हर रंग—तमन्ना, उम्मीद, दर्द और सफ़र—को नफ़ासत से बयां किया गया है। इस ग़ज़ल में सहरा की प्यास, तन्हाई का…