‘वक़्फ़ का सवाल’: एक दास्तान-ए-हयात
‘‘वक़्फ़ का सवाल’ एक ऐसे गहरे मामले को जन्म देता है जो मात्र धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व तक सीमित नहीं, बल्कि समाज और सियासत के पेचीदा रिश्तों को भी बेनक़ाब…
‘‘वक़्फ़ का सवाल’ एक ऐसे गहरे मामले को जन्म देता है जो मात्र धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व तक सीमित नहीं, बल्कि समाज और सियासत के पेचीदा रिश्तों को भी बेनक़ाब…
तआऱुफ़ (Introduction) : वक़्फ़ एक ऐसा निज़ाम है जो सदीयों से मुस्लिम समाज में मआशी (आर्थिक) और समाजी (सामाजिक) फ़लाह-ओ-बहबूदी के लिए बुनियादी किरदार अदा करता चला आ रहा है।…