“माँ के क़दमों तले जन्नत”: एक ग़ज़ल
तआर्रुफ़: ग़ज़ल “माँ के क़दमों तले जन्नत” एक जज़्बाती और असरदार पेशकश है, जो माँ के रिश्ते की पाकीज़गी और अहमियत को बयां करती है। इस ग़ज़ल में माँ की…
तआर्रुफ़: ग़ज़ल “माँ के क़दमों तले जन्नत” एक जज़्बाती और असरदार पेशकश है, जो माँ के रिश्ते की पाकीज़गी और अहमियत को बयां करती है। इस ग़ज़ल में माँ की…