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  • May 14, 2025
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उम्मत का बंटवारा: एक ग़ज़ल

“उम्मत का बंटवारा” एक ऐसी ग़ज़ल है जो महज़ अल्फ़ाज़ नहीं, बल्कि हमारे समाज की तारीख़ी ग़लतियों, बंटवारे की सियासत और मोहब्बत की शिकस्त की गवाही है। इस शायरी में…

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  • May 14, 2025
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सियासत और ईमान का सौदा: एक ग़ज़ल

सियासत और ईमान का सौदा” एक ऐसी ग़ज़ल है जो हमारे दौर की तल्ख़ हक़ीक़तों को बेनक़ाब करती है। इस ग़ज़ल में जज़्बात, तहज़ीब और दीनी एहसासात का मेल दिखाई…

जज़्बातों की ज़ुबान:एक ग़ज़लनुमा दास्तान

जज़्बातों की ज़ुबान:एक ग़ज़लनुमा दास्तान जज़्बातों की ज़ुबान कभी भी ज़िंदगी को फूलों का बिस्तर नहीं समझती। जज़्बातों की चादर पर अक्सर ख़ामोशी (चुप्पी) की सिलवटें (शिकनें/झुर्रियाँ) होती हैं, और…

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  • May 11, 2025
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इश्क़ का क़हल: एक ग़ज़ल

“इश्क़ का क़हल” (प्यार का सूखा या ठहराव) की यह ग़ज़ल मोहब्बत के उन लम्हों को बयान करती है जहाँ जज़्बात अपनी आख़िरी हदों तक पहुँचकर ख़ामोशी ओढ़ लेते हैं।…

राहगुज़र-ए-इश्क़:एक ग़ज़ल

यह ग़ज़ल “राहगुज़र-ए-इश्क़” एक रूहानी (आध्यात्मिक) सफ़र को बयान करती है, जहाँ इश्क़ (प्रेम) सिर्फ एक जज़्बा (भावना) नहीं बल्कि एक कशिश (आकर्षण) है जो आशिक़ को फ़िराक़ (जुदाई), हिज्र…

यादों की धुंध: एक ग़ज़ल

ग़ज़ल “यादों की धुंध” एक गहराई से भरी शायरी है जो मोहब्बत (प्यार) की मासूम जुस्तजू (खोज), जुदाई की सर्दी और यादों की महक को अल्फ़ाज़ों (शब्दों) की शक्ल में…