आँवला की ख़ूबसूरती

आँवला, जिसे भारतीय तिब्ब-ए-यूनानी (यूनानी चिकित्सा) में अमृत फल कहा जाता है, न सिर्फ ज़ायके (स्वाद) में तीखा और खट्टा है, बल्कि इसके सही (सेहत) के मोजिज़ात (स्वास्थ्य चमत्कार) भी बेमिसाल हैं। यह ग़ज़ल आँवले की कुदरती अता की हुई ताक़त (प्राकृतिक शक्ति) और उसके सही (सेहत) पर हैरतअंगेज़…

‘वक़्फ़ का सवाल’: एक दास्तान-ए-हयात

‘‘वक़्फ़ का सवाल’ एक ऐसे गहरे मामले को जन्म देता है जो मात्र धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व तक सीमित नहीं, बल्कि समाज और सियासत के पेचीदा रिश्तों को भी बेनक़ाब…

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  • May 2, 2025
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बिखरे ख़्वाब, जलते सवाल

“बिखरे ख़्वाब, जलते सवाल” एक दिल से निकली हुई शेरों की कश्ती है, जो ज़िंदगी के समंदर में बहते दर्द, मोहब्बत, तन्हाई, और रिश्तों की हक़ीक़त को अपनी हर मौज…

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  • April 25, 2025
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पंचर वाले: एक ग़ज़ल

यह ग़ज़ल “पंचर वाले” उन्हीं शख़्सीयतों का एहतराम करती है, जिन्होंने अपनी मेहनत और कुर्बानियों से अंधेरों में रोशनी पैदा की। हमारे समाज में ऐसे बे़शुमार लोग हैं जिन्होंने अपनी…

“मोहब्बत और ज़िंदगी: एक ग़ज़ल की तहरीर”

Author: “क़बीर ख़ान” Date: “2025-04-25” मोहब्बत और ज़िंदगी: एक ग़ज़ल की तहरीर मोहब्बत की ताज़गी लाज़िम है ज़िंदगी के लिए, मगर चंद सिक्कों की गर्मी भी है रवानगी के लिए।…

ज़ुल्म की वीरानी

ज़ुल्म की वीरानी पर ग़ज़ल – ग़ज़ल: “ज़ुल्म की वीरानी को ग़म-ए-दिलख्वे ना दे” ज़न्नत-ए-कश्मीर को ज़ुल्म-ए-सियाह का सितम-ए-सहे ना दे, बेगुनाहों के ख़ून से फ़र्द-ए-ख़ुदा को ग़म-ए-दिलख्वे ना दे।…