सदा-ए-इंसाफ़: एक ग़ज़ल

ग़ज़ल “सदा-ए-इंसाफ़” एक आवाज़ है उस समाज के लिए जो बराबरी, इंसाफ़ और इंसानियत पर यक़ीन रखता है। इस ग़ज़ल में हर शेर एक सवाल भी है और एक जवाब…