“आराम की तलाश”: एक ग़ज़ल

तआर्रुफ़: ग़ज़ल “आराम की तलाश” उस ज़िंदगी की दास्तान है जो फ़र्ज़, जज़्बात, रिश्ते और हालात के बीच पिसती रही। यह शायरी उस इंसान की आवाज़ है जिसने अपनी तमाम…

वतन में बेनिशान साए: एक नज़्म

यह नज़्म “वतन में बेनिशान साए”, उस ग़मगीन (दुखी) हक़ीक़त (सचाई) की ग़ज़ल (कविता) है, जो किसी शख़्स (व्यक्ति) को अपने ही वतन (देश) में महसूस होने वाले तन्हाई (अकेलापन),…