फ़िलस्तीन के दर्द पर ग़ज़ल “मैं फ़िलस्तीन हूँ”

फ़िलस्तीन के दर्द पर ग़ज़ल “मैं फ़िलस्तीन हूँ” यह मेरी ज़मीन है, यह मेरी ज़मीन है,हर दर्द की कहानी, मैं फ़िलस्तीन हूँ। मैं फ़िलस्तीन हूँ, मैं फ़िलस्तीन हूँ।” नक़्शे में…

वक़्फ़ क़ानून 1995 बनाम वक़्फ़ संशोधन क़ानून 2025

तआऱुफ़ (Introduction) : वक़्फ़ एक ऐसा निज़ाम है जो सदीयों से मुस्लिम समाज में मआशी (आर्थिक) और समाजी (सामाजिक) फ़लाह-ओ-बहबूदी के लिए बुनियादी किरदार अदा करता चला आ रहा है।…

ग़ुल्फ़िशां के नाम एक ग़ज़ल

ग़ज़ल — ग़ुल्फ़िशां के नाम ग़ुल्फ़िशां की सदा को कैद कर बैठे हैं लोग, हक़ की आवाज़ को बग़ावत समझ बैठे हैं लोग। -1 वो जो ज़ुल्मों से लड़ी, सब्र…